डीयू के पाठ्यक्रम में मनुस्मृति और बाबरनामा को शामिल करने की कोई योजना नहीं : कुलपति
कुलपति ने कहा कि मुगल बादशाह बाबर की आत्मकथा मौजूदा समय में प्रासंगिक नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘बाबरनामा वैसे भी एक तानाशाह की आत्मकथा है. इसे पढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है.’’













