क्या आप नहीं चाहते इंडिया सेक्युलर रहे..? संविधान प्रस्तावना से समाजवाद और पंथनिरपेक्षता शब्द हटाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'समाजवाद' और 'पंथनिरपेक्षता' शब्दों की आज अलग-अलग व्याख्याएं हैं. यहां तक कि हमारी अदालतें भी इन्हें बार-बार बुनियादी ढांचे का हिस्सा घोषित कर चुकी हैं.











